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Friday, April 9, 2010

पुलिस ने किसानों को मारे डंडे

पुलिस के साए में हुई नीलामी
हरदा । स्थानीय कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को किसानों को पुलिस के डंडे खाना पड़े। मामला तब बिगड़ा जब एफसीआई के अधिकारियों द्वारा मिले निर्देश और जगह की कमी के कारण सहकारी समितियों ने गेहूँ खरीदना बंद कर दिया था।
खरीदी बंद होने से नाराज किसानों ने जब नारेबाजी कर मुख्य रास्ता रोका तो पुलिस ने किसानों पर हल्का बल प्रयोग किया। कलेक्टर के निर्देश पर नायब तहसीलदार महेन्द्र प्रतापसिंह ने मंडी पर पहुँचकर खरीदी प्रारंभ करवाई। जिसके बाद पुलिस की उपस्थिति में ही गेहूँ की नीलामी प्रारंभ हुई। शुक्रवार को मंडी प्रांगण में सरकारी एजेंसी का करीब एक लाख क्विंटल गेहूँ का स्टॉक रखा हुआ है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को कृषि उपज मंडी में गेहूँ की बंपर आवक होने के बाद स्थिति खराब हो गई। गेहूँ की परिवहन नहीं होने के कारण मंडी में जगह नहीं है। मंडी में सरकारी गेहूँ की खरीदी करने वाली एजेंसी एफसीआई के अधिकारियों ने शुक्रवार को मंडी का दौरा किया। उन्होंने सहकारी समिति के प्रबंधकों को निर्देश दिए कि एफएक्यू (उच्च क्वालिटी ) गेहूँ की खरीदी ही की जाए। सूत्रों की माने तो अधिकारियों ने साफ शब्दों में यह भी कहा है कि जो गेहूँ वेयर हाउस जा चुका यदि वह भी एफएक्यू नहीं हुआ तो समिति को वापस दे दिया जाएगा। इस प्रकार के निर्देश मिलने और मंडी में जगह की कमी होने के कारण शुक्रवार को गेहूँ की खरीदी नहीं हुई। खरीदी बंद होने से नाराज किसानों ने मंडी के मुख्य रास्ता रोक कर नारेबाजी की। मौके पर टीआई एमएस मीणा के साथ पहुँची पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले किसानों पर हल्का बल प्रयोग किया। बाद में मामला शांत हो गया। इसके बाद में अबगाँव सोसायटी द्वारा खरीदी तो प्रारंभ की गई, लेकिन पुलिस के साए में। मंडी में शुक्रवार को करीब 600 ट्राली खड़ी थी।
मंडी बंद कर दो
मंडी में गेहूँ खरीदी नहीं होने से नाराज किसानों ने मंडी प्रशासन को सुझाव दिए की मंडी में गेहूँ की बंपर आवक होने तथा जगह की कमी होने के कारण जो परेशानी हो रही है, उसे दूर करने के लिए एक सप्ताह मंडी बंद कर दी जाए। मंडी सचिव संजीव श्रीवास्तव ने भी कहा कि यदि सोमवार और मंगलवार को मंडी में अवकाश कर दिया जाए तो बहुत आसानी होगी। उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि मंडी समिति किसानों के साथ है। परिवहन न होने से मंडी प्रांगण में सरकारी एजेंसी का करीब एक लाख क्विंटल गेहूँ का स्टॉक रखा हुआ है।
तीन दिन से खड़े हैं
किसानों का कहना है कि मंडी में पिछले तीन दिन से उनके ट्रैक्टर ट्राली खड़े हुए है। खरीदी की गति धीमी होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानतलाई के कृषक मोटू गौर ने बताया कि वे पिछले दिन से मंडी में आए हैं, लेकिन अब तक गेहूँ की खरीदी नहीं हुई है। डोमनमऊ के कृषक कमलकिशोर का कहना है कि उनकी 3 ट्राली गेहूँ तो समिति ने खरीद ली, लेकिन उसी गेहूँ की 1 ट्राली लेने से इंकार कर दिया है।

...तो यहाँ रखेंगे गेहूँ
मंडी में गेहूँ की आवक तो लगातार बड़ रही, लेकिन माल का परिवहन नहीं होने के कारण गेहूँ का स्टॉक अधिक हो गया है। प्रशासन ने वेयर हाउस कार्पोरेशन वालों को सुझाव दिया है कि गेहूँ के अस्थाई भंडारण के लिए शहर के शासकीय शालाओं के प्रांगण, नेहरूस्टेडियम, सुल्तानपुर के अलावा अन्य शासकीय प्रांगण का चयन किया जा सकता है।

किसानों ने हंगामा करते हुए एक ट्रक का काँच फोड़ दिया था। पुलिस के पहुँचने पर अभ्रद भाषा का प्रयोग कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ को तीतर-बीतर किया गया। लाठी चार्ज जैसा कुछ नहीं हुआ।

- एमएस मीणा, टीआई, हरदा।
मंडी में किसानों के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्धक कराई जा रही हैं।गेहूँ खरीदी करने वाली एजेंसी जिस गुणवत्ता के आधार पर खरीदी कर रही उसमें मंडी समिति कुछ नहीं कर सकती।
- संजीव श्रीवास्तव, मंडी सचिव हरदा

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